क्यूँ आग सी लगी रहती है।
भूलने की कोशिश करता हूँ सब कुछ,
पर यादें क्यूँ ऐसे तडपाती हैं।
क्यूँ दिए जिंदगी ने इतने गम,
बस दिल में यही कसक सी रहती है।
क्या कभी मिलेंगी खुशियाँ मुझे,
बस ये ही सोच कर धड़कने थमी सी रहती हैं।
कभी कभी जिंदगी में किसी के साथ एक ऐसा अनजान रिश्ता बन जाता है, जिसका कोई नाम नहीं होता। उस रिश्ते में बस दूसरे की ख़ुशी देखी जाती है, तुम खुद को मिटा कर भी उसे खुश रखने की कोशिश करोगे
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