शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

किस्मत

जिंदगी भी क्या-क्या दिन दिखाती है, 
कभी हंसाती है दिल को कभी रुलाती है 
हम कुछ सोच भी ले अपनी हालत के बारे में, 
पर क्या करे किसी की याद हमें हर पल सताती है 
हम तो मर जाते तुम्हारा दुःख देखने से पहले, 
पर ये मजबूरी भी हमसे क्या क्या कराती है 
जब भी चाह है मैंने किसी को दिल के गहराई से, 
पता नहीं किस्मत उसे दूर क्यूँ ले जाती है 
कभी-कभी नींद नहीं आती है कई रातों तक, 
तो कभी जिंदगी हमेशा के लिए सो जाती है

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