सोमवार, 10 दिसंबर 2012

आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं

 
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं,
न रंग है, न उमंग है
आज जिंदगी में कुछ रंग भरते हैं
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं.

या तो उढ़ जाते हैं दूर गगन में,
या फिर समुन्द्र की गहराई को छू लेते हैं
या फिर भूल जाते हैं सारे गम
हम पल दो पल जी लेते हैं.
कुछ न कुछ तो आज जरूर करते हैं,
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं.

बिखर जाते हैं फूल बनकर, राहो में,
या किसी के रास्ते के कांटे चुन लेते हैं,
आज बैठते हैं अपने परिवार के साथ,
और उनसे उनके सुख दुःख सुन लेते हैं
आज कुछ न कुछ ऐसा जरूर करते हैं,
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं.

आज मिट जाते हैं वतन पर,
या देश के लिए आज शहीद हो जाये,
या बन जाते हैं देश के प्रधान मंत्री,
और देश को हम खुद चलाये,
आओ आज देश का कुछ भला करते हैं,
आज कुछ न कुछ तो जरूर करते हैं,
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं,
जिंदगी में कुछ रंग भरते हैं,
आओ दोस्तों आज कुछ नया करते हैं.

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