शुक्रवार, 9 मार्च 2018

ख्वाबों में भी मिलना


ख्वाबों में भी मिलना उसे गँवारा नहीं होता।
एक वो ही शक्स है तो हमारा नहीं होता।
कहने के लिए तो जमाना अपना है मगर।
टूटे हुए दिल का कोई सहारा नहीं होता।
जाने क्या कमी रह गयी है हम में,
हम सबके हो जाये भी तो कोई हमारा नहीं होता ।

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