बुधवार, 12 जून 2013

ख्वाइश और तमन्ना

हर कोई पैसे कमाने के पीछे पड़ा हुआ है और शायद कमाता भी अपनों के लिए ही है, पर ऐसे कमाने से क्या फायदा जो अपनों को ही अपनों से दूर कर दे। पैसा तो शायद जिंदगी में फिर भी मिल जायेगा पर गुजरा हुआ वक़्त कभी नहीं मिलेगा … इसलिए अपनों के लिए हमेशा वक़्त निकलना चाहिए।

ख्वाइशो से भरी है जिंदगी 
तमन्नाओ से भरे हैं हर पल 
बस कुछ पाने की चाहत में 
बीत जाता है हमारा आज और कल 
अब वक़्त नहीं है किसी के पास किसी के लिए
ख्वाइशो में हर कोई भाग रहा है 
अपने सपनो को पूरा करने के लिए 
अब हर इंसान रात-दिन जाग रहा है 
ख्वाइशो के आगे हर कोई मजबूर हो गया है 
अपनों से तो बहुत दूर हो गया है 
पैसे के सब रिश्ते यहाँ, गरीब का कोई मोल नहीं 
इस पैसे से इंसान को कितना गुरूर हो गया है 

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