शनिवार, 14 अगस्त 2010

प्रार्थना

तू ही है इश्वर, तू ही है दाता
तेरे सिवा अपना किसी से नाता 
तू चाहे तो पल में चमत्कार कर दे
तू सब की झोली खुशियों से भर दे 
तेरे सिवा अपना कोई इस जहाँ में
तेरे सिवा अब कोई नाम याद आता 
तू ही है इश्वर, तू ही है दाता
तेरे सिवा अपना किसी से नाता..... 

पल-पल में खुशियाँ, पल-पल में गम हैं
जाने क्यूँ आज अपनी आँखे नम हैं 
बड़ी कठिन हैं ये जिंदगी की मंजिल
तू क्यूँ नहीं मुझको रास्ता दिखता 
तू ही है इश्वर, तू ही है दाता
तेरे सिवा अपना किसी से नाता..........

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